वचन की परिभाषा,अ​र्थ,भेद, उदाहरण-Vachan in Hindi Grammar

वचन :-(Number)

वचन शब्द वह रूप है। जिससे यह पता चले कि कोई संज्ञा शब्द एक ईकाई के रूप में ग्रहण किया जाएगा या एक से अधिक अथवा अनेक के रूप में।
उदहारण के लिए:-

  • बच्चा, कुरसी, मेज आदि एकवचन होने की सूचना दे रहे है।
  • जबकि किताबें, बच्चें, मेजे आदि एक से अधिक होने का बोध करा रहे है।

अर्थात हम कह सकते है कि—शब्द के जिस रूप से एक या एक से अधिक का बोध होता है, उसे हिन्दी व्याकरण में ‘वचन’ कहते है।

दूसरे शब्दों में – संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध हो, उसे’वचन’ कहते है।
जैसे –

  • लड़की खेलती है।
  • लड़कियाँ खेलती हैं।

इन वाक्यों में ‘लड़की’ शब्द एक होने का तथा ‘लड़कियाँ’ शब्द एक से अधिक होने का बोध करा रही हैं। अतः स्पष्ट है कि ‘लड़की’ शब्द एकवचन का है और ‘लड़कियाँ’ शब्द बहुवचन का हैं।

वचन की परिभाषा(Definition of number)

वचन शब्द का अभिप्रायः संख्या से है। विकारी शब्दों के जिस रूप से उनकी संख्या एक या अनेक का बोध होता है। उसे वचन कहते है। उदहारण के लिए:-
1). लडका जाता है।
–लडके जाते है।
2).बच्चा सोता है।
–बच्चे सोते है। आदि एक से अधिक होने का बोध करा रहे है।

वचन का अर्थ (Meaning of Number)

वचन का शब्दिक अर्थ ‘संख्यावचन’ होता है। ‘संख्यावचन’ को ही वचन कहते हैं। वचन का एक अर्थ ‘कहना’ भी होता है।
संज्ञा के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु के एक से अधिक होने का या एक होने का पता चले उसे वचन कहते हैं। अथार्त संज्ञा के जिस रूप से संख्या का बोध हो उसे वचन कहते हैं।

दूसरे शब्दों में —संज्ञा शब्द के जिस अंश रूप से यह ज्ञात होता है। कि:- वह एक ईकाइ के रूप में ग्रहण किया जाएगा या अनेक रूप में व्याकरण में वचन कहलाता है।
सरल शब्दों में :-वचन संज्ञा पदों का वह लक्षण है जो एक या अधिक का बोध कराता है
जैसे :-

  • घोडा— घोडा
  • पुस्तक— पुस्तकें
  • नदी —नदियॉ ।

वचन के प्रकार (Kinds of Number)

संस्कृत में तीन वचन है-

  • एकवचन
  • द्विवचन
  • बहुवचन 

 हिंदी में केवल दो ही वचन रह गए है, अर्थात वचन के भेद :-

  1. एकवचन
    2. बहुवचन

एकवचन(Singular)
संज्ञा शब्द के जिस रूप से किसी एक वस्तु पदार्थ या व्यक्ति के ज्ञान का बोध होता है। वह एकवचन कहलाता है।
दूसरे शब्दों में—— जिस शब्द के कारण हमें किसी व्यक्ति , वस्तु , प्राणी , पदार्थ आदि के एक होने का पता चलता है उसे एकवचन कहते हैं।.जैसे
मेज, किताब ,कमरा, ताला, माला ,बोतल, दवाई ,ऑख, नाक ,कमीज ,बिल्ली ,कछुआ स्त्री, घोड़ा, नदी, रुपया, लड़का, गाय, सिपाही, बच्चा, कपड़ा, माता, माला, पुस्तक, टोपी, बंदर, मोर, लडकी , बेटी , घोडा , नदी , कमरा , घड़ी , घर , पर्वत , मैं , वह , यह , रुपया , बकरी , गाड़ी , माली , अध्यापक , केला , चिड़िया , संतरा , गमला , तोता , चूहा आदि

बहुवचन(Plural)
संज्ञा शब्द के जिस रूप से एक से अधिक वस्तुओं पदार्थों और व्यक्तियों के ज्ञान का बोध हो वह बहुवचन कहलाता है ।

दूसरे शब्दों में :– जिस विकारी शब्द या संज्ञा के कारण हमें किसी व्यक्ति , वस्तु , प्राणी , पदार्थ आदि के एक से अधिक या अनेक होने का पता चलता है उसे बहुवचन कहते हैं।,
जैसेः
बालकों ,,मालाएं, बोतलें दवाइयॉ ,आखें, नाकें, कमीजें, बिल्लियॉ, लडके , गायें , कपड़े , टोपियाँ , मालाएँ , माताएँ , पुस्तकें , वधुएँ , गुरुजन , रोटियां , पेंसिलें , स्त्रियाँ , बेटे , बेटियाँ , केले , गमले , चूहे , तोते , घोड़े , घरों , पर्वतों , नदियों , हम , वे , ये , लताएँ , लडकियाँ , गाड़ियाँ , बकरियां , रुपए आदि।

वचन की पहचान(Identification of Number)

वचन की पहचान नि​म्नलिखित शब्दों से की जा सकती है।

वचन की पहचान दो प्रकार से की जा सकती है।

  • संज्ञा, सर्वमान, विशेषण द्वारा
  • क्रिया द्वारा

संज्ञा, सर्वमान, विशेषण द्वारा वचन की पहचान
वाक्य में संज्ञा, सर्वमान, विशेषण का प्रयोग जिस वचन में होता है,उससे वचन की पहचान कहते है।

संज्ञा शब्दों से—वाक्य में प्रयुक्त संज्ञा शब्दों से एकवचन और बहुवचन की पहचान होती है।
जैसे

  • सोहन ने किताब खरीदी–( एकवचन)
  • सोहन ने किताबें खरीदी– (बहुवचन)
  • लडकी के पास छाता है।–(एकवचन)
  • लडकियों के पास छाता है।—(बहुवचन)
  • पायल ने संतरा खाया –(एकवचन)
  • पायल ने संतरें खाए।–(बहुवचन)

उपर्युक्त वाक्य में पत्रिका, संतरा,लडकी और छाता एकवचन का बोध करा रहें है, और पत्रिकाएॅ,सतरें,लडकियॉं और छाते बहुवचन का बोध करा रहें है।

सर्वनाम शब्दों सेवाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम शब्दों से एकवचन और बहुवचन की पहचान होती है।
जैसे

  • वह आज नहीं आया । (एकवचन )
  • वे आज नहीं आए। ( बहुवचन)
  • मै दिल्ली जाउॅगा। (एकवचन )
  • हम सब दिल्ली जाएगें।( बहुवचन)
  • तुम मंदिर चले जाओ।(एकवचन )
  • तुम सब  मंदिर चले जाओ। ( बहुवचन)

उपर्युक्त वाक्य में मैं,तुम एकवचन का बोध करा रहें है। और तुम सब बहुवचन का बोध करा रहें है।

 क्रिया शब्दों से — कभी कभी वाक्य में प्रयुक्त में संज्ञा और सर्वनाम शब्दों से वचन का बोध न होकर वाक्य में प्रयुक्त क्रियापदों से एकवचन और बहुवचन का बोध होता है।
कुछ वाक्यों में वचन की पहचान

  • शेर जंगल में रहता है।–(एकवचन)
  • शेर जंगल में रहते है।—–( बहुवचन)
  • अचानक फयूज हो गया –(एकवचन)
  • बल्ब अचानक फयूज हो गए।–(बहुवचन)
  • खिलाडी मैदान से चला गया।– (एकवचन)
  • खिलाडी मैदान से गए—-।( बहुवचन)

इन वाक्यों में प्रयुक्त संज्ञा शब्दों खिलाडी,सिंहऔर बल्ब से वचन की पहचान न होकर वाक्य में प्रयुक्त क्रियापद’ रहता है,हो गया,और चला गया से एकवचन का बोध होता है।
तथा अन्य वाक्यों में प्रयुक्त क्रियापद रहते हैं,हो गए,और चले गए से बहुवचन का बोध होता है।

विशेष

सदा एकवचन में प्रयुक्त होने वाले शब्द

कुछ संज्ञा शब्द सद एकवचन में रहते है। इनका प्रयोग सदा एकवचन में होता है। जैसे भीड, जनता,आकाश,सोना,लोहा,दूध,मक्खन,पानी,वर्षा आदि।

  • चलती कार में आग लग गई।
  • मूसलाधार वर्षा होने लगी।
  • तालाब में बहुत पानी है।
  • सारा आकाश स्वच्छ है।
  • ठंडी हवा चल रही है।
  • थोडा सा आटा बचा है

भाववाचक तथा व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ सदैव एकवचन में प्रयुक्त होती है।
जैसे-

  • प्रेम हो जाता है।
  • आमों में मिठास है।
  • पाप से घृणा करो, पापी से नहीं।
  • बुराई की सदैव पराजय होती है।
  • प्रेम ही पूजा है।
  • किशन बुद्धिमान है।

धातुओं का बोध कराने वाली द्रव्यवाचक संज्ञाएॅ सदैव एकवचन में प्रयुक्त होती है।
जैसे-

  • राम सोना खरीद रहा है।
  • लोहा मजबूत होता है।
    चीनी बहुत महँगी हो गई है।

कुछ अन्य एकवचन शब्द —— पानी,दूध, सोना,चॉदी,स्टील,घी,तेल,जनता,बालू आदि।

 

कुछ संज्ञा शब्द सदा बहुवचन में रहते है।

कुछ शब्द सदैव बहुवचन में रहते है।इनका प्रयोग सदा बहुवचन में किया जाता है। जैसे —होश,प्राण,आॅंसू ,हस्ताक्षर,दर्शन,बाल, लोग आदि।
जैसे-

  • पुत्र को देखकर ललिता के आॅंसू निकल पडे।
  • चोर को देखते ​ही माधुरी के होश अड गए ं
  • राम ने मकान के कागज पर हस्ताक्षर कर दिए है।
  • अभिनेत्री को देखने के लिए लोग उमड पडे।
  • दर्दनाक दृश्य देखकर मेरे तो प्राण ही निकल गए।
  • आजकल मेरे बाल बहुत टूट रहे हैं।
  • रवि जब से अफसर बना है, तब से तो उसके दर्शन ही दुर्लभ हो गए हैं।
  • आजकल हर वस्तु के दाम बढ़ गए हैं।

कुछ अन्य बहुवचन शब्द— दर्शक,श्रोता, आदि।

एकवचन शब्दों का बहुवचन के रूप में प्रयोग —— किया जाता है।

आदर सम्मान प्रकट करने के लिए एकवचन के स्थान पर बहुवचन का प्रयोग किया जाता है।

हिंदी भाषा में आदर प्रकट करने के लिए एकवचन के स्थान पर बहुवचन का प्रयोग किया जाता है।
जैसे-

  • प्रधानमंत्री दूरदर्शन पर भाषण देगें।
  • अनीता की बुआ आई हैं।
  • अटलबिहारी वाजपेयी कवि भी थे।

अभिमान प्रकट करने के लिए एकवचन के स्थान पर बहुवचन का प्रयोग किया जाता है।
जैसे-

  • उसकी कार नहीं हमारी सुदंर है।
  • अभी हमसे वास्ता नहीं पडा।
  • हमारी तो बात ही कुछ और है।

एकवचन और बहुवचन बनाने के लिए महत्वपूर्ण एवम ध्याान रखने योग्य बातें

 

आदरणीय व्यक्तियों के लिए सदैव बहुवचन का प्रयोग किया जाता है।

  • जैसे- दादा जी कल से आएगें।

द्रव्यसूचक संज्ञायें एकवचन में प्रयोग होती है।

  • जैसे- पानी, तेल, घी, दूध आदि।

संबद्ध दर्शाने वाली कुछ संज्ञायें एकवचन और बहुवचन में एक समान रहती है।

  • जैसे- ताई, मामा, दादा, नाना, चाचा आदि।

कुछ शब्द सदैव बहुवचन में प्रयोग किये जाते है

  • जैसे- दाम, दर्शन, प्राण, आँसू आदि।

पुल्लिंग ईकारान्त, उकारान्त और ऊकारान्त शब्द दोनों वचनों में समान रहते है।

  • जैसे-एक मुनि -दस मुनि,
  • एक डाकू -दस डाकू,
  • एक आदमी -दस आदमी आदि।

बड़प्पन दिखाने के लिए कभी -कभी वक्ता अपने लिए ‘मैं’ के स्थान पर ‘हम’ का प्रयोग करता है
जैसे-

  • पिताजी ने आयुषी से कहा ” हम शहर जा रहें है, अभी लौट आएगें”।
  • दारोगा जी ने कहा—”हम बदमाशों को आत्नसमर्पण करने के लिए मजबूर कर देगें

व्यवहार में ‘तु, ‘ के स्थान पर ‘तुम या आप’ का प्रयोग करते हैं। जैसे-
जैसे

  • मॉं ने बेटे से कहा — तुम इधर आकर बैठों।
  • शिक्षक ने छात्र से कहा —तुम अपनी पुस्तक लेकर मेरे पास आओं
  • आप’ कल कहाँ गये थे ?

जातिवाचक संज्ञायें दोनों ही वचनों में प्रयुक्त होती है।
जैसे-

  • कुत्ता’ भौंक रहा है।
  • कुत्ते’ भौंक रहे है।
  • शेर जंगल का राजा है।
  • घोडे के चार पाँव होते हैं।

परन्तु धातुओं का बोध कराने वाली जातिवाचक संज्ञायें एकवचन में ही प्रयुक्त होती है। जैसे- ‘सोना’ महँगा है, ‘चाँदी’ सस्ती है। अर्थात

  • सोना बहुत महँगा है।
  • चाँदी सस्ती है।
  • उसके पास बहुत धन है।

गुण वाचक और भाववाचक दोनों संज्ञाओं का प्रयोग एकवचन और बहुवचन दोनों में ही किया जाता है।
जैसे –

  • मैं उनके धोके से ग्रस्त हूँ।
  • इन दवाईयों की अनेक खूबियाँ हैं।
  • डॉ राजेन्द्र प्रसाद की सज्जनता पर सभी मोहित थे।

सिर्फ एकवचन में हर, प्रत्येक और हर-एक का प्रयोग होता है।
जैसे

  • प्रत्येक व्यक्ति सज्जन नही होगा।
  • हर इन्सान इस सच को जानता है।
  • हर-एक कुएँ का पानी मीठा नहीं होता।

समूहवाचक संज्ञा का प्रयोग केवल एकवचन में ही किया जाता है।
जैसे

  • इस देश की बहुसंख्यक जनता अनपढ़ है।
  • बदरों की एक टोली ने बहुत उत्पात मचा रखा है।

ज्यादा समूहों का बोध करने के लिए समूहवाचक संज्ञा का प्रयोग बहुवचन में किया जाता है।
जैसे

  • विद्यार्थियों की बहुत सी टोलियाँ गई हैं।
  • अकबर की सदी में अनेक देशों की प्रजा पर अनेक अत्याचार होते थे।

एक से ज्यादा अवयवों का प्रयोग बहुवचन में होता है लेकिन एकवचन में उनके आगे एक लगा दिया जाता है।
जैसे – आँख, कान, ऊँगली, पैर, दांत, अंगूठा आदि।
उदहारण –

  • सीता के दांत चमक रहे थे।
  • मेरे बाल सफेद हो चुके हैं।
  • मेरा एक दांत टूट गया।
  • मेरी एक आँख में खराबी है।

करणकारक के शब्द जैसे – जाडा, गर्मी, भूख, प्यास आदि को बहुवचन में ही प्रयोग किया जाता है।
जैसे –

  • बेचारा कुत्ता जाड़े से ठिठुर रहा है।
  • भिखारी भूखे मर रहे हैं।

कभी-कभी कुछ एकवचन संज्ञा शब्दों के साथ गुण, लोग, जन, समूह, वृन्द, दल, गण, जाति शब्दों को बहुवचन में प्रयोग किया जाता है।
जैसे –

  • छात्रगण बहुत व्यस्त होते हैं।
  • मजदूर लोग काम कर रहे हैं।
  • स्त्रीजाति बहुत संघर्ष कर रही है।

संज्ञा, सर्वनाम के अनुसार वचन बदलने पर क्रिया में भी बदलाव आता है।

जैसे –

  • कवचन – मैं पढ़ना चाहता हूँ।
  • बहुवचन – हम पढ़ना चाहते हैं।
  • एकवचन – कैदी छूट गया।
  • बहुवचन – कैदी छूट गए।

अन्य उदहारण

वचन परिवर्तन संज्ञा या सर्वनाम के विशेषणों में भी होता है।
जैसे –

  • अच्छा बच्चा हमेशा सच बोलता है। (एकवचन)
  • अच्छे बच्चे हमेशा सच बोलते हैं। (बहुवचन)

वचन के अनुसार पूरे वाक्य का परिवर्तन करते समय संज्ञा या सर्वनाम के अनुरूप विशेषण एवं क्रिया में परिवर्तन का भी ध्यान रखना आवश्यक है।

 

दोनों वचनों में समान रहने वाले शब्दों में कारक के अनुसार बदलाव आता है।
जैसे-

  • फूल – (कर्ता कारक में) – बगिया में फूल खिले हैं।
  • फूल – (अधिकरण कारक में) – फूलों पर भँवरे मँडरा रहे हैं।
  • बालक – (कर्ता कारक में) – आज कुछ बालक नहीं आ पाए हैं।
  • बालक – (संप्रदान कारक में) –हम बालकों के लिए पुस्तकें लाए हैं।

एकवचन से बहुवचन बनाने के नियम-

एकवचन से बहुचवन बनाने के लिए दो प्रकार के नियमों का प्रयोग किया जाता है।

  1. विभिक्तिरहित संज्ञा शब्दों से बहुवचन
  2. विभिक्तिसहित संज्ञा शब्दों से बहुवचन

विभिक्तिरहित संज्ञाओं के बहुवचन बनाने के नियम-

जब आकारान्त के पुल्लिंग शब्दों में आ की जगह पर ए लगा दिया जाता है।

एकवचन
.बहुवचन
गधा गधे
कौआकौए
केला केले
पेडा
पेडे
कुत्ता
पेडे
कमराकमरे
जूता
जूते
तारातारे
लड़का
लड़के
घोड़ा
घोडे
बेटबेटे
मुर्गा
मुर्गे
कपड़ा
कपड़े
मेज मेजें

अकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में ‘अ’ के स्थान पर ‘एें’ लगाने से
एकवचन..बहुवचन
कलम
कलमें
बात
बातें
रात
रातें
आँख
आखें
पुस्तक पुस्तकें
तलवार
तलवारें
गाय
गाएँ
सड़कसड़कें
बात
बातें
दवात
दवातें
यादयादें
भैंसभैंसे
किताबकिताबें
नीदनीदें

स्त्रीलिंग शब्दों के अंत में आए ”आ के साथ एँ ” जोड़कर
एकवचनबहुवचन
आशाआशाएँ
अध्यापिकाअध्यापिकाएँ
कथाकथाएँ
भावनाभावनाएँ
चिताचिताएँ
पत्रिकापत्रिकाएँ
समस्यासमस्याएँ
संज्ञासंज्ञाएॅ
छात्राछात्राएँ
शाखाशाखाएँ
भुजाभुजाएँ
विद्याविद्याएँ
कविताकविताएँ
मालामालाएँ
लतालताएँ
कन्याकन्याएँ
मातामाताएँ
कलाकलाएँ
वस्तुवस्तुएँ
दवादवाएँ
कथाकथाएँ

जिन स्त्रीलिंग संज्ञाओं के अन्त में ‘या’ आता है, उनमें ‘या’ के ऊपर चन्द्रबिन्दु लगाने से बहुवचन बनता है। जैसे-
एकवचनबहुवचन
बुढियाबुढियाँ
लुटियालुटियाँ
गैया गैयाँ
कुतियाकुतियाँ
बिंदियाबिंदियाँ
चिडियाचिडियाँ
डिबियाडिबियाँ
गुडियागुडियाँ
चुहियाचुहियाँ
चिड़ियाचिड़ियाँ
शक्तिशक्तियाँ
राशिराशियाँ
रीतिरीतियाँ
तिथितिथियाँ आदि।

ईकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के ‘इ’ या ‘ई’ के स्थान पर ‘इयाँ’ लगाने से-
एकवचनबहुवचन
तिथि तिथियाँ
नारीनारियाँ
गतिगतियाँ
थाली थालियाँ
नीतिनीतियाँ
रीतिरीतियाँ
नदीनदियाँ
लडकीलडकियाँ
घुड़कघुड़कियाँ
चुटकीचुटकियाँ
टोपीटोपियाँ
रानीरानियाँ
रीति
रीतियाँ
थालीथालियाँ
कलीकलियाँ

आकारांत स्त्रीलिंग एकवचन संज्ञा-शब्दों के अन्त में ‘एँ’ लगाने से बहुवचन बनता है। जैसे-

एकवचनबहुवचन
लतालताएँ
अध्यापिकाअध्यापिकाएँ
कन्याकन्याएँ
मातामाताएँ
भुजाभुजाएँ
पत्रिकापत्रिकाएँ
शाखाशाखाएँ
कामनाकामनाए
कथाकथाएँ

इकारांत स्त्रीलिंग शब्दों में ‘याँ’ लगाने से-
एकवचनबहुवचन
जाति
जातियाँ
रीति
रीतियाँ
नदीनदियाँ
लड़कीलड़कियाँ

उकारान्त व ऊकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के अन्त में ‘एँ’ लगाते है। ‘ऊ’ को ‘उ’ में बदल देते है-
एकवचन
.बहुवचन
वस्तु
वस्तुएँ
गौगौएँ
बहुबहुएँ
वधूवधुएँ
गऊगउएँ

संज्ञा के पुंलिंग अथवा स्त्रीलिंग रूपों में ‘गण’ ‘वर्ग’ ‘जन’ ‘लोग’ ‘वृन्द’ ‘दल’ वृन्द,गण,लोग,जन,दल आदि शब्द जोड़कर भी शब्दों का बहुवचन बना देते हैं। जैसे-
एकवचनबहुवचनएकवचन.बहुवचन
नेता –
नेतागणतुम – आप
गुरु –
गुरुजनदेेव –देवगण
पक्षी – पक्षीवृंदअमीर –अमीर लोग
मित्र –मित्रजननारी-नारीवृन्द
विद्यार्थी – विद्यार्थीगणस्त्री-स्त्रीजन
अध्यापक –अध्यापकगणअधिकारी-अधिकारीवर्ग
तुमलोग –आपलोगपाठक-पाठकगण
कवि –कविजनअध्यापक-अध्यापकवृंद
दर्शक –दर्शकगणविद्यार्थी-विद्यार्थीगण
आप-आपलोगसेना-सेनादल-
श्रोता-श्रोताजनगुरु -गुरुजन
मित्रमित्रवर्गगरीबगरीब लोग

कुछ शब्दों में गुण, वर्ण, भाव आदि शब्द लगाकर बहुवचन बनाया जाता है। जैसे-
एकवचनबहुवचन
व्यापार
.व्यापारीगण
मित्रमित्रवर्ग
सुधी सुधिजन

जब एकवचन और बहुवचन दोनों में शब्द एक समान होते हैं। जैसे :-

एकवचन ,बहुवचन शब्द एक समानएकवचन ,बहुवचन शब्द एक समान
फल फल
पानीपानी
क्रोध क्रोध
फूल फूल
छात्र छात्र
नेतानेता
पितापिता
चाचाचाचा
क्षमाक्षमा
जलजल
योद्धायोद्धा
राजाराजा
दादा दादा
बाजार बाजार
प्रेम प्रेम

जब शब्दों को दो बार प्रयोग किया जाता है।
जैसे :-

  • भाई = भाई -भाई
  • बहन = बहन-बहन
  • गॉंव = गाँव -गाँव
  • घर = घर -घर
  • शहर = शहर -शहर आदि।

नोट-

एकवचन और बहुवचन में समान रहने वालेशब्द

  • फूल,भाई,प्रेम,बालक,फल,मुनि,घर,क्रोध,पेड़,हाथी,ऋषि,बाजार,साधु,जल आदि।

कुछ शब्द दोनों वचनों में एक जैसे रहते है। जैसे-

  • पिता, योद्धा, चाचा, मित्र, फल, बाज़ार, अध्यापक, फूल, छात्र, दादा, राजा, विद्यार्थी आदि।

विभक्तिसहित संज्ञाओं के बहुवचन बनाने के नियम-

जो संज्ञा शब्द विभक्तियों से प्रयुक्त होते है उन शब्दों को बहुवचन के रूप बनाने के लिए लिंग के कारण उनमें कोई परिवर्तन नहीं होता। अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि— जब अकारांत , आकारान्त और एकारांत के संज्ञा शब्दों में अ, आ , तथा ए की जगह पर ओं कर दिया जाता है। जब इन संज्ञाओं के साथ ने , को , का , से आदि परसर्ग होते हैं तब भी इनके साथ ओं लगा दिया जाता है।

इसके कुछ सामान्य नियम निम्नलिखित है-

अकारान्त, आकारान्त (संस्कृत-शब्दों को छोड़कर) तथा एकारान्त संज्ञाओं में अन्तिम ‘अ’, ‘आ’ या ‘ए’ के स्थान पर बहुवचन बनाने में ‘अों’ कर दिया जाता है। जैसे-

एकवचन.बहुवचन
लडका लडकों
घरघरों
गधागधों
घोड़ा घोड़ों
चोरचोरों

वाक्य में प्रयोग

  • लडकी को बुलाओ – लड​कियों को बुलाओ।
  • बच्चे ने गाना गाया – बच्चों ने गाना गाया।
  • कुएॅं का जल बहुत ठंडा है – कुओं का जल बहुत ठंडा है।
  • बालक से पूछ लो – बालकों से पूंछ लो।
  • लडके ने पढ़ा – लडकों ने पढ़ा।
  • गाय ने दूध दिया – गायों ने दूध दिया।
  • चोर को छोड़ना मत – चोरों को छोड़ना मत।

संस्कृत की आकारान्त तथा संस्कृत-हिन्दी की सभी उकारान्त, ऊकारान्त, अकारान्त, औकारान्त संज्ञाओं को बहुवचन का रूप देने के लिए अन्त में ‘अों’ जोड़ना पड़ता है। उकारान्त शब्दों में ‘अों’ जोड़ने के पूर्व ‘ऊ’ को ‘उ’ कर दिया जाता है।

एकवचन बहुवचन
लता लताओं
साधु
साधुओं
वधू
वधुओं
घरघरों
जौ
जौअों
दवादवाओं

सभी इकारान्त और ईकारान्त संज्ञाओं का बहुवचन बनाने के लिए अन्त में ‘यों’ जोड़ा जाता है। ‘इकारान्त’ शब्दों में ‘यों’ जोड़ने के पहले ‘ई’ का इ’ कर दिया जाता है। जैसे-

  
एकवचन
बहुवचन
मुनि
मुनियों
गली
गलियों
नदीनदियों
श्रीमतीश्रीमतियों
गाड़ी
गाड़ियों
झाड़ीझाड़ियों
साड़ी.साड़ियों


वचन परिवर्तन  के वाक्य के प्रयोग द्वारा उदहारण

  • लड़का खाता है. लड़के खाते हैं।
  • लड़की खाती है. लड़कियाँ खाती हैं।
  • एक लड़का जा रहा है. तीन लड़के जा रहे हैं।

इन वाक्यों में  लड़का शब्द एक के लिए आया है और लड़के एक से अधिक के लिए। लड़की एक के लिए और लड़कियाँ एक से अधिक के लिए व्यवहृत हुआ है। यहाँ संज्ञा के रूपान्तर का आधार श्वचनश् है। लड़का एकवचन है और लड़के बहुवचन में प्रयुक्त हुआ है।

वचन परिवर्तन :-

एकवचनबहुवचनएकवचनबहुवचन
तिनकातिनकेपत्ता
पत्ते
भेड़भेड़ेंबच्चाबच्चे
बहनबहनें
बेटाबेटे
घोडाघोड़ेकपड़ा
कपड़े
तस्वीरतस्वीरेंलड़का
लडके
कक्षाकक्षाएँबातबातें
ऋतुऋतुएँआँखआँखें
कमराकमरेपुस्तक
पुस्तकें
भाषाभाषाएँकिताब
किताबें
सेनासेनाएँरुपयारुपए
अध्यापिकाअध्यापिकाएँचुहिया
चुहियाँ
कविताकविताएँ
कुर्सी
कुर्सियां
वस्तुवस्तुएँमिठाई
मिठाइयाँ
लतालताएँहड्डीहड्डियाँ
बुढियाबुढियांदवाईदवाईयाँ
चिड़ियाचिड़ियाँछुट्टीछुट्टियाँ
गुडियागुड़ियाँकविकविगण
कहानीकहानियाँगुरुगुरुजन
घड़ीघड़ियाँअलमारीअलमारियाँ